Hindustan, 01 Aug 2011: पाकिस्तान की नई विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की भारत-यात्रा से किसी चमत्कारी परिणाम की उम्मीद होती तो खुद आसिफ-ज़रदारी या युसुफ रज़ा गिलानी भारत न आ जाते ? वे नई-नवेली विदेष मंत्री को यह श्रेय क्यों लेने देते। दोनों पक्षों को पता था कि इस यात्रा के परिणाम सीमित होंगे [...]
राष्ट्रीय सहारा, 28 July 2011 : मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी को दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम के पद से हटाए जाने का असली अर्थ क्या है? इसे कुछ लोग धर्मनिरपेक्षता की हार बता रहे हैं तो कुछ मुस्लिम कट्टरपंथ की जीत कह रहे हैं और कुछ यह भी मान रहे हैं कि देवबंद के इस्लामी मदरसे से [...]
Dainik Bhaskar, 27 July 2011 : जैसे न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमलों की विभीषिका ने सारी दुनिया में हड़कंप मचा दिया था, वैसे ही ओस्लो के भीषण नरसंहार ने समूची दुनिया को दहला दिया है। लेकिन इन दोनों घटनाओं में एक बुनियादी फर्क है। फर्क यह है कि नॉर्वे की राजधानी [...]
राष्ट्रीय सहारा, 27 जुलाई 2011 : अगर आपसे कोई पूछे कि आज विश्व की सबसे गंभीर समस्या क्या है तो आपका जवाब क्या होगा ? शायद यही कि आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक कोई और समस्या नहीं है| यों तो समस्याऍं कई हैं| जैसे अमेरिका और यूरोप का आर्थिक संकट, भारत और चीन जैसे देशों में [...]
Hindustan, 22 July 2011 : हिलेरी क्लिंटन की भारत-यात्रा के दौरान गुलाम नबी फई की गिरफ्तारी कोरा नाटक ही मालूम पड़ती है। फई वाशिंगटन में कश्मीर-अमेरिकन कौंसिल चलाते हैं। इसे आईएसआई ने लगभग 20 करोड़ रुपये चोरी-छिपे दिए हैं, ऐसा अमेरिकी पुलिस का आरोप है। लेकिन यह किसे पता नहीं है कि ‘कश्मीर का झंडा’ उठाने वाले [...]
Dainik Bhaskar (New Delhi), 21 July 2011 : यदि सर्वोच्च न्यायालय सरकार के कान नहीं खींचता तो बोफोर्स मामले की तरह यह मामला भी रफा-दफा हो जाता| यह मामला था, नोट देकर सांसदों के वोट खरीदने का| 22 जुलाई 2008 को सारी दुनिया ने टेलिविज़न चेनलों पर देखा कि संसद में किस तरह नोटों की [...]
Rashtriya Sahara, 19 July 2011: अफगानिस्तान ने अपने पांवों पर खड़े होना शुरू कर दिया है. इस रविवार को नाटो सेनाओं ने बामियान नामक प्रांत की बागडोर अफगान सेना को सौंप दी है. यह बामियान वही प्रांत है, जहां भगवान बुद्ध की विश्व-प्रसिद्ध प्रतिमा सैकड़ों वर्षों से खड़ी थी और जिसे तालिबान ने ध्वस्त कर [...]
नई दिल्ली, 16 जुलाई| भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष डॉ. वेदप्रताप वैदिक और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति प्रो. बुरहानुद्दीन रब्बानी के बीच आज यहां अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में भेंट हुई| यह भेंट एक घंटे से भी अधिक समय तक चली| प्रो. रब्बानी आजकल अफगानिस्तान की राष्ट्रीय समाधान परिषद के अध्यक्ष हैं| वे तीन दिवसीय [...]
Dainik Bhaskat (Bhopal), 13 July2011: जिस अनिष्ट की आशंका थी, वही हुआ। भारत-अमेरिका परमाणु सौदे की असलियत अब सामने आती चली जा रही है। भारत और अमेरिका, दोनों ही एक-दूसरे को ठगने की कोशिश कर रहे थे। अब दोनों एक-दूसरे को कोसने लगेंगे। संबंधों के इस नए दौर की शुरुआत परमाणु सप्लायर्स ग्रुप के एक [...]
दैनिक भास्कर, 06 जुलाई 2011 : भारत में अगर कोई पानीदार सरकार होती तो आज वह बिन पानी ही डूब मरती| जो काम सरकार को करना चाहिए, वह काम सर्वोच्च न्यायालय को करना पड़े, इससे बढ़कर लज्जा की बात किसी सरकार के लिए क्या हो सकती है| विदेशों में जमा काले धन की वापसी पर [...]
Dainik Bhaskar(Bhopal), 29 June 2011 : भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक को सफल माना जाए या विफल, यह निर्भर होगा देखने वाले की दृष्टि पर। अगर आप हथेली पर सरसों उगी देखने के शौकीन हैं तो यह बैठक आपको बिल्कुल निर्थक मालूम पड़ेगी, क्योंकि असली मुद्दों पर न पाकिस्तान टस से मस [...]
NavBharat Times, 28 June 2011 : बराक ओबामा ने घोषणा की है कि जुलाई 2011 यानी अगले महीने से अमेरिकी फौजों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू हो जाएगी। इसका अर्थ यह हुआ कि पिछले दस वर्षों से दक्षिण एशिया में जो राजनीति चल रही है, उसमें कुछ बुनियादी बदलाव आने शुरू हो जाएंगे। ये बदलाव [...]
दैनिक भास्कर, 23 जून 2011 : लोकपाल कमेटी के बारे में जो आशंका थी, वह सच निकली| यदि जन-लोकपाल के सारे प्रमुख प्रावधानों को पांचों मंत्री मान लेते तो भला उन्हें मंत्री कौन मानता ? उन्हें कोई साधारण राजनीतिज्ञ भी मानने को तैयार नहीं होता| कोई भी राजनीतिज्ञ भ्रष्टाचार के समूल-नाश की बात सोच भी [...]
Hindustan, 22 June 2011 : अफगानिस्तान से अपनी सुरक्षित वापसी की वेला में अमेरिका क्या-क्या पापड़ नहीं बेल रहा है। उसका सबसे ताजा पैंतरा यह है कि तालिबान और अल-क़ायदा में फूट डाल दी जाए। तालिबान और अल-क़ायदा को एक-दूसरे से अलग करने लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा, जिसका सभी 15 सदस्यों ने [...]
पिछले सप्ताह पाकिस्तान-यात्रा पर दो अत्यंत महत्वपूर्ण अतिथि आए। एक तो अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और दूसरे सीआईए के मुखिया लिओन पेनेटा। पेनेटा शीघ्र ही अमेरिका के रक्षा मंत्री बननेवाले हैं। इन अतिथियोंकी यात्रा का मूल लक्ष्य एक ही था। वह यह है कि जुलाई 2011 में शुरू होने वाली अमेरिकी वापसी के बाद अफगानिस्तान [...]
Dainik Bhaskar, 15 June 2011 : प्रणब मुखर्जी की इस बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं कि कानून बनाने का काम संसद का है। संसद के इस अधिकार को चुनौती देना सर्वथा अलोकतांत्रिक है, लेकिन मूल प्रश्न यह है कि इस मर्यादा को भंग किसने किया? पहल किसने की? क्या अन्ना हजारे के लोगों [...]
Dainik Bhaskar, 01 June 2011 : भ्रष्टाचार के विरुद्ध बाबा रामदेव जो मोर्चा लगा रहे हैं, वह एक बेमिसाल घटना होगी। यदि दिल्ली में एक लाख और देश में एक करोड़ से भी ज्यादा लोग अनशन पर बैठेंगे तो इसके मुकाबले की घटना हम कहां ढूंढेंगे? यह सबसे बड़ा अहिंसक सत्याग्रह होगा। इसका उद्देश्य [...]
Nav Bharat Times, 30 May 2011 : मुहम्मद अली जिन्ना को क्या पता था कि उनकेउत्तराधिकारी ऐसे निकलेंगे। पाकिस्तान को उन्होंने बिलकुल चौपट राज्य बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समाज में पाकिस्तान की इज्जत तार-तार हो गई है। उसकी जनता के दिल में अपने देश के लिए कोई गर्व नहीं रह गया है। पाकिस्तान के अनेक मित्र [...]
Dainik Bhaskar, 26 May 2011 : पिछले साल ‘सबल भारत’ के आंदोलन ‘मेरी जाति हिंदुस्तानी’ ने देश में कुछ ऐसी जागृति फैलाई कि सरकार को जनगणना से जाति को बाहर करना पड़ा। इस आंदोलन के पास न जन-शक्ति थी, न धन-शक्ति और न ही मीडिया-शक्ति। सिर्फ विचार-शक्ति ने हमारे राजनीतिक नेताओं को जरा हिलाया, जगाया [...]
Hindustan, 25 May 2011 : दुर्भाग्य पाकिस्तान का पीछा नहीं छोड़ रहा है। अभी ओसामा कांड की स्याही सूखी भी नहीं थी की इस फौजी राज्य पर एक नया वज्रपात हो गया है। मेहरान के नौसैनिक हवाई अड्डे पर 18 घंटे तक आतंकवादियों का कब्जा बना रहना, यह किस बात का प्रमाण है? क्या इसका [...]