R Sahara, 17 Aug 2003 : मुसलमानों की संस्कृत-सेवा और हिन्दी-सेवा को लेकर दिल्ली में पिछले हफ्रते दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुए ! जवाहरलाल नेहरू वि वि के विशिष्ट संस्कृत अध्ययन केंद्र ने मुसलमानों की संस्कृत-सेवा पर डॉ मोहम्मद इस्माइल खान और मुझे बोलने के लिए कहा और डॉ म्लिक मुहम्मद की पुस्तक हिन्दी की [...]

 

R Sahara, 10 Aug 2003 : प्रसार भारती को आजकल पैसे की चिंता बहुत सता रही है ! उसके वित्त-सदस्य ने बोर्ड के गले यह बात उतार दी है कि यदि अ-हिन्दी क्षेत्रों में हिन्दी कार्यक्रम दिखाए जाऍंगे तो दूरदर्शन को विज्ञापन नहीं मिलेंगे और इसी कारण अब भी नहीं मिल रहे हैं ! इसीलिए [...]

 

NavBharat Times, 7 Aug 2003 : लोकसभा और विधानसभाओं  के चुनाव साथ-साथ हों, यह प्रस्ताव नया नहीं है| इसमें संदेह नहीं कि उप-राष्ट्रपति और उप-प्रधानमंत्री के समर्थन के कारण यह प्रस्ताव इधर मीडिया में उछाल खा गया है लेकिन इसे अब से 20 साल पहले खुद चुनाव आयोग ने जमकर आगे बढ़ाया था| चुनाव आयोग [...]

 

R Sahara, 6 Aug 2003 : सबके लिए निजी कानून एक जैसा हो, इस अल्लाह की गाय पर लठ्मलट्ठा क्यों शुरू हो गया है? उच्चतम न्यायालय ने यह पहली बार नहीं कहा है| शाह बानो और सरला दलाल के मामलों में वह पहले भी संसद से अनुरोध कर चुका है कि देश के सभी नागरिकों [...]

 

R Sahara, 3 Aug 2003 : जब से सुपर्ण (बेटा) दुबई में रहने लगा है, अमेरिका या यूरोप या अरब देशों में जाते या आते समय मुझे दुबई रूकना ही होता है| गत वर्ष वहॉं विदेश नीति पर इतने व्याख्यान हुए और अखबारों ने उन्हें इतने अच्छे ढंग से छापा कि संयुक्त अरब अमारात (अमीरात [...]

 

R Sahara, 27 July 2003 : न्यूयॉर्क से चले और लंदन होते हुए दुबई पहुंचे| दुबई की गर्मी भी क्या गर्मी है| हवाई अड्डे से बाहर निकले तो लगा कि किसी विराट् तंदूर में आ खड़े हुए हैं| दो-तीन मिनिट में ही कार में जा बैठे| वातानुकूलित मर्सिडीज़ ने राहत दिलवाई लेकिन अरब देश की [...]

 

Nav Bharat Times, 26 July 2003 : अन्तरराष्ट्रीय मामलों  में जिनकी गहरी रूचि है, उन्हें भी यह समझ नहीं पड़ रहा कि आखिर अफगानों ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास को ध्वस्त क्यों किया? जिस पाकिस्तान ने लगभग 20 साल तक 30 लाख अफगानों को शरण दी और काबुल के कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ फेंकने में [...]

 

Nav Bharat Times, 14 July 2003 : यहॉं अमेरिका में सरकार के बड़े अफसर और बुश प्रशासन के सलाकहार चाहते हैं कि भारत सरकार अपनी फौजें जल्दी से जल्दी एराक भिजवा दें| भारत सरकार उनकी इच्छा अवश्य पूरी करेगी, ऐसा मानने के कई आधार उनके पास है| वे जानते हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के [...]

 

R Sahara, 10 July 2003 : किसी भी प्रधानमंत्री की विदेश-यात्रा को एतिहासिक कह देने में किसी का क्या घिसता है? जैसे 1988 में श्री राजीव गॉंधी और 1993 में श्री नरसिंहराव की चीन-यात्राओं को एतिहासिक कहा गया था, वैसे अब श्री अटलबिहारी वाजपेयी की यात्रा को भी एतिहासिक कहकर आगे बढ़ा जा सकता है [...]

 

Nai Dunia, 8 July 2003 : इस बार अमेरिका में भारतीयों का जलवा देखने का विशेष अवसर मिला| ‘राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका’ (राना) न्यूयॉर्क के पास लॉंग  आइलैंड में राजस्थान-उत्सव आयोजित कर रहा है| इस उत्सव में करोड़ों रूपए खर्च हो रहे हैं| खर्च की ज्यादा चिंता नहीं है, क्योंकि उत्सव की कमान हीरा-व्यापारियों [...]

 

नवभारत टाइम्स 02 जुलाई 2003 :

 

Nav Bharat Times, 2 July 2003 : पाकिस्तान अमेरिका का पट्ठा है और भारत का दोस्त, यह जनरल परवेज़ मुशर्रफ की अमेरिका-यात्रा ने सिद्घ कर दिया है| अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने जनरल मुशर्रफ का न केवल केम्प डेविड नामक अपने निजी नंदनवन में स्वागत किया, जो कि किसी भी एशियाई नेता के लिए दुर्लभ [...]

 

R Sahara, 29 June 2003 : बोस्टन में जनरल मुशर्रफ से मिलना लगभगग तय था| वे वहॉं अपने बेटे बिलाल के पास गए थे| उनके छोटे भाई डॉ. नावीद मुशर्रफ शिकागो में रहते हैं| संयोग की बात है कि जिस दिन पाकिस्तान में तख्ता-पलट हुआ (12 अक्तू्र-1999)मैं शिकागो पहुंचा और उसी रात डॉ. नावीद के [...]

 

R Sahara, 27 June 2003 : अगर विश्व – भाषा का ताज हिन्दी के सिर पर न रखा जाए तो किसके सिर रखा जा सकता है? हिन्दी की पगड़ी में ऐसे रत्न जड़े हुए हैं, जो दुनिया की किसी अन्य भाषा के पास नहीं हैं| सबसे पहले संख्या की बात ही लें| यों तो माना [...]

 

R Sahara, 22 June 2003 : जिन्दा जादू क्या होता है, यह मैंने इस बार अमेरिका में अपनी ऑंख से देखा| संदीप पटेल नामक नौजवान को देखने हम पिट्सबर्ग के एक अस्पताल में गए| संदीप का पूरा घड़ लकवाग्रस्त है| केवल सिर काम करता है| उसे पूर्ण चेतना है लेकिन  वह अपने किसी भी अंग [...]

 

R Sahara, 15 June 2003 : सूरीनाम में हुआ सातवॉं विश्व हिंदी सम्मेलन कैसा रहा? इस प्रश्न का जवाब लोगों ने अपने-अपने ढंग से दिया है| जो लोग कई सम्मेलनों में गए हैं, उनका कहना है कि पिछले कई सम्मेलनों के मुकाबले यह सर्वश्रेष्ठ रहा| कुछ लोगों का कहना है कि इस सम्मेलन में पूर्ण [...]

 

नई दुनिया 11 जून 2003 : 

 

R Sahara, 8 June 2003 : विश्व हिंदी सम्मेलन का सम्मान स्वीकार करना कितना भारी पड़ रहा है| औपचारिक सम्मानों और पुरस्कारों के प्रति यों ही मेरे मन में वितृष्णा का भाव रहा है| फिर हिंदी के नाम पर सम्मान लेना तो बहुत ही असमंजसकारी है| जिस भाषा का राज-काज में निरंतर अपमान होता हो, [...]

 

राष्ट्रीय सहारा 06 जून 2003 : 

 

R Sahara, 1 June 2003: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अभी सिर्फ एक पास ही फेंका है लेकिन यह मामूली पासा कहीं पूरी शतरंज के उलटने का बहाना न बन जाए| अब केंद्र सरकार भी कह रही है कि वह सारे देश में ऊंची जातियों के गरीबों को भी आरक्षण देगी| अब मुसलमानों में [...]

 

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