Posts Tagged 'अफगानिस्तान'

Posted by: on: September 23 2011 • Categorized in: Articles

Naya India, 23 Sept 2003 : अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति प्रो. बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या से अफगानिस्तान में चल रहे शांति-प्रयासों को गहरा धक्का लगेगा| वे अफगानिस्तान के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे| वे सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं रहे, उन्होंने लगभग 20 साल तक मुजाहिदीन-संघर्ष का भी नेतृत्व किया था| वे पठान नहीं [...]

Posted by: on: September 21 2011 • Categorized in: News

    Rabbani Condoled by Vaidik New Delhi, 21 Sept : Dr. V.P. Vaidik, Chairman, Council for Indian Foreign Policy has expressed his deep shock on the assassination of the Former President of Afghanistan, Prof. Burhanuddin Rabbani in Kabul. He has conveyed his sincere condolences to Prof. Rabbani’s son, Ambassador Sulahuddin. Prof. Rabbani’s assassination is [...]

Posted by: on: August 10 2011 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 10 Aug 2011 : ऐसा नहीं है कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हेलिकॉप्टर पहली बार गिरा है। इसके पहले भी नाटो फौजों के कई हेलिकॉप्टर गिर चुके हैं, लेकिन पिछले शुक्रवार को वरदक प्रांत में जो हेलिकॉप्टर गिरा है, उसने नाटो सेनाओं को हिला दिया है। पहली बार उसके 31 सिपाही एक साथ मारे [...]

Posted by: on: July 19 2011 • Categorized in: Articles

Rashtriya Sahara, 19 July 2011:   अफगानिस्तान ने अपने पांवों पर खड़े होना शुरू कर दिया है. इस रविवार को नाटो सेनाओं ने बामियान नामक प्रांत की बागडोर अफगान सेना को सौंप दी है. यह बामियान वही प्रांत है, जहां भगवान बुद्ध की विश्व-प्रसिद्ध प्रतिमा सैकड़ों वर्षों से खड़ी थी और जिसे तालिबान ने ध्वस्त कर [...]

Posted by: on: July 16 2011 • Categorized in: News

नई दिल्ली, 16 जुलाई| भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष डॉ. वेदप्रताप वैदिक और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति प्रो. बुरहानुद्दीन रब्बानी के बीच आज यहां अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में भेंट हुई| यह भेंट एक घंटे से भी अधिक समय तक चली| प्रो. रब्बानी आजकल अफगानिस्तान की राष्ट्रीय समाधान परिषद के अध्यक्ष हैं| वे तीन दिवसीय [...]

Posted by: on: June 28 2011 • Categorized in: Articles

NavBharat Times, 28 June 2011 : बराक ओबामा ने घोषणा की है कि जुलाई 2011 यानी अगले महीने से अमेरिकी फौजों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू हो जाएगी। इसका अर्थ यह हुआ कि पिछले दस वर्षों से दक्षिण एशिया में जो राजनीति चल रही है, उसमें कुछ बुनियादी बदलाव आने शुरू हो जाएंगे। ये बदलाव [...]

Posted by: on: June 22 2011 • Categorized in: Articles

Hindustan, 22 June 2011 : अफगानिस्तान से अपनी सुरक्षित वापसी की वेला में अमेरिका क्या-क्या पापड़ नहीं बेल रहा है। उसका सबसे ताजा पैंतरा यह है कि तालिबान और अल-क़ायदा में फूट डाल दी जाए। तालिबान और अल-क़ायदा को एक-दूसरे से अलग करने लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा, जिसका सभी 15 सदस्यों ने [...]

Posted by: on: June 18 2011 • Categorized in: Articles

पिछले सप्ताह पाकिस्तान-यात्रा पर दो अत्यंत महत्वपूर्ण अतिथि आए। एक तो अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और दूसरे सीआईए के मुखिया लिओन पेनेटा। पेनेटा शीघ्र ही अमेरिका के रक्षा मंत्री बननेवाले हैं। इन अतिथियोंकी यात्रा का मूल लक्ष्य एक ही था। वह यह है कि जुलाई 2011 में शुरू होने वाली अमेरिकी वापसी के बाद अफगानिस्तान [...]

Posted by: on: February 10 2011 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 10 Feb 2011 : हाल ही में सम्पन्न म्यूनिख के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में यों तो मिस्र की उथल-पुथल और ‘स्टार्ट’ संधि पर ज्यादा चर्चा हुई लेकिन नाटो राष्ट्रों- अमेरिका, रूस, भारत और पाकिस्तान- ने अफगानिस्तान पर काफी जोर दिया। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने खुद सम्मेलन को संबोधित किया और सार्वजनिक [...]

Posted by: on: November 30 2010 • Categorized in: Articles

Navbharat Times, 30 November : लिस्बन में हुए नाटो-अफगान समझौते ने स्पष्ट कर दिया है कि जुलाई 2011 में विदेशी फौजें अफगानिस्तान से विदा न हीं होंगी। हालांकि समझौता यह भी कहता है कि नाटो फौजें वहां अनंत काल तक टिकी नहीं रहेंगी, लेकिन वह यह नहीं बताता कि वे कब लौटेंगी। इस समझौते में यह [...]

Posted by: on: July 22 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 22 जुलाई 2010| भारत का स्थान जो भी रहा हो, अफगानिस्तान में हुआ अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन अपूर्व रहा| आधुनिक अफगानिस्तान के ढाई सौ साल के इतिहास में इतने देशों के विदेश मंत्र्ी और प्रतिनिधि एक साथ वहां कभी इकट्रठे नहीं हुए| लगभग 70 देशों के इस सम्मेलन का संदेश क्या है ? इसका सबसे [...]

Posted by: on: June 30 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 30 जून 2010 । ठीक एक साल बाद अफगानिस्तान से नाटो फौजों की वापसी शुरू होने वाली है। असल सवाल यह है कि यह वापसी युद्ध जीतते हुए होगी या हारते हुए? जीतना मुश्किल नजर आ रहा है। यह अमेरिकी जनरल मैकक्रिस्टल की बर्खास्तगी ने ही सिद्ध कर दिया है। मैकक्रिस्टल को अफगानिस्तान [...]

Posted by: on: June 14 2010 • Categorized in: Articles

. Edited by Dr.Vaidik SLUG: Afghan imbroglio The declaration of President Barak Husain Obama’s Af-Pak policy and the successful conclusion of the London conference on Afghanistan are a welcome development. They are correct steps in the right direction. However, the current situation in Afghanistan has thrown up several new challenges. It is nearly impossible to [...]

Posted by: on: March 3 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 3 March 2010 : जब तक पाकिस्तान में फौज का बोलबाला रहेगा, न आतंकवाद खत्म होगा, न अफगानिस्तान में शांति होगी, न कश्मीर हल होगा। पाक फौज अच्छे से समझ चुकी है कि वह युद्ध के जरिए कश्मीर नहीं छीन सकती। अब उसके पास आतंकवाद ही एकमात्र ब्रrास्त्र रह गया है। पाकिस्तान की [...]

Posted by: on: February 4 2010 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 04 फरवरी 2010 : लंदन में हुआ अफगानिस्तान सम्मेलन अब तक हुए सभी सम्मेलनों में सबसे बड़ा था| संयुक्तराष्ट्र समेत लगभग 70 राष्ट्रों और संगठनों ने इसमें भाग लिया| इस सम्मेलन ने 34 सूत्रेंवाली जो विज्ञप्ति जारी की है, अगर उस पर सभी पक्षों ने अमल कर दिया तो माना जा सकता है [...]

Posted by: on: February 2 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक हिन्दुस्तान, 2 फरवरी 2010 : लंदन में हुए अफगानिस्तान सम्मेलन में से भारत के लिए क्या निकला ? हमारी सरकार तो ज़रा चुप है लेकिन कुछ अखबारों का कहना है कि भारत हाशिए में चला गया| भारत की बात किसी ने नहीं मानी| लंदन आए लगभग 70 देशों और संगठनों ने भारत की इस [...]

Posted by: on: January 21 2010 • Categorized in: Articles

हिन्दुस्तान, 21 जनवरी 2010 | काबुल के पश्तून चौक में हुआ तालिबानी हमला कोई पहला हमला नहीं है| लेकिन पिछले आठ साल में जितने भी हमले हुए हैं, उनमें यह हमला सबसे अधिक दुस्साहसिक था| भारतीय दूतावास और संयुक्तराष्ट्र की अतिथि-शाला पर हुए हमलों में ज्यादा लोग मारे गए थे और उनका शोर भी काफी [...]

Posted by: on: November 19 2009 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 19 Nov 2009 : बराक ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद मेरी यह तीसरी अमेरिका यात्रा है, इस यात्रा के दौरान मैंने जितनी चिंता अफगानिस्तान के बारे में देखी, पहले कभी नहीं देखी। पिछले कुछ समय से ओबामा-प्रशासन के अनेक अधिकारी, कुछ सीनेटर और कांग्रेसमैन, विदेशी राजदूतगण, और प्रोफेसर निरंतर पूछ रहे हैं [...]

Posted by: on: November 4 2009 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 4 Nov 2009 : आठ साल बीत गए लेकिन अफगानिस्तान में बाकायदा एक भी राजनीतिक दल नहीं बना है। स्वयं हामिद करजई का कोई दल नहीं है। दलों के बिना अफगानिस्तान की राजनीति दलदल में बदल गई है। संसद ठीक से नहीं चलती। जरूरी है कि हामिद करजई खुद पहल करें। यदि करजई दृढ़ता [...]

Posted by: on: October 14 2009 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 14 अक्टूबर 2009 : क्या यह आखिरी हमला है ? सवा साल में यह दूसरा हमला है| यदि हमारे काबुल के दूतावास पर किलेनुमा दीवारें खड़ी नहीं की जातीं तो इस बार पूरा दूतावास ही उड़ जाता| दूतावास तो हमने बचा लिया लेकिन क्या अफगानिस्तान में हम भारत को बचा पाएंगें ? भारत [...]

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