Posts Tagged 'ईरान'

Posted by: on: April 28 2010 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 28 अप्रैल 2010 : कई बार मैं सोचता हूं कि क्या दुनिया में ईरान जैसा भी कोई देश है ? इतना निडर, इतना निष्पक्ष और इतना सच बोलनेवाला देश ईरान के अलावा कौनसा है ? किसी ज़माने में माना जाता था कि गांधी और नेहरू का भारत निष्पक्ष है, निडर है और सत्यनिष्ठ [...]

Posted by: on: June 17 2009 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 17 June 2009 : ईरानी राष्ट्रपति का चुनाव इतना विवादास्पद हो जाएगा, इसका अनुमान किसी को भी नहीं था| यदि महमूद अहमदीनिजाद को अपने मुख्य प्रतिद्वंदी के विरूद्घ दो-चार प्रतिशत की बढ़त मिलती तो शायद लोग उंगली नहीं उठाते लेकिन मीर हुसैन मूसवी के मुकाबले अहमदीनिजाद को लगभग दुगुने वोट मिले हैं| चार [...]

Posted by: on: March 25 2009 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 25 मार्च 2009 : ईरान के नए साल पर बराक ओबामा ने संदेश जारी किया, यह तथ्य ही इस बात का सबूत है कि अमेरिका अब ईरान के साथ अपने संबंधों को पुनर्परिभाषित करना चाहता है| ओबामा के पहले छोटे या बड़े बुश या   क्लिटन ने इस तरह का कोई संदेश क्या [...]

Posted by: on: October 21 2008 • Categorized in: News

Kayhan International, 21 Oct 2008 : Exclusive Interview: TEHRAN, Oct 20 – Dr. Ved Pratap Vaidik*, Chairman of the Council for Indian Foreign Policy, says no country should take any offence on the recently signed nuclear agreement betweenIndiaand theUnited States. Dr. Vaidik, who was in Tehran last weekend told Kayhan International’s Fereydoon Tarapour in an [...]

Posted by: on: May 13 2008 • Categorized in: Articles

रा. सहारा, 13 मई 2008 : ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदी निजाद की नई दिल्ली यात्र इतनी छोटी थी कि उनकी जगह और किसी संक्षिप्त राष्ट्र के राष्ट्रपति होते तो उनकी तरफ किसी का ध्यान भी नहीं जाता| क्या बजह है कि पॉंच छ: घंटे की इस भारत-यात्रi पर दुनिया ने इतना ध्यान दिया? पहला [...]

Posted by: on: February 9 2007 • Categorized in: Articles

NavBharat Times, 9 Feb 2007 : विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की ईरान यात्रा से नाटकीय नतीजे निकलने की उम्मीद जिन लोगों को रही होगी, वे निराश हो सकते हैं। लेकिन जिन्हें भारत-ईरान संबंधों की वर्तमान पेचीदगियों का पता है, वे मानेंगे कि यह यात्रा सार्थक रही। सबसे बड़ी बात तो यह कि यात्रा के दौरान कोई बदमजगी [...]

Posted by: on: February 8 2006 • Categorized in: Articles

नवभारत टाइम्स, 08 फरवरी 2006 : जैसी कि आशंका थी, ईरान के मामले में भारत फिसल गया| न फिसलता तो आश्चर्य होता| हम फिसलने के लिए तैयार बैठे हैं, यह हमने पहले ही तय कर लिया था| अमेरिकी राजदूत डेविड मल्फोर्ड ने हमारी फिसलन पर पहले ही मुहर लगा दी थी| अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण [...]

Posted by: on: January 12 2006 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 12 जनवरी 2006 : ईरान ने अपनी परमाणु भट्टी दुबारा सुलगा ली है| उसने 30 माह पहले यूरोपीय देशों के आग्रह पर अपना यूरेनियम संवर्द्घन का कार्यक्रम बंद कर दिया था| उसका कहना है कि उसने अपनी मर्जी से यह कार्यक्रम बंद किया था और अब अपनी मर्जी से उसे वह चालू कर [...]

Posted by: on: June 20 2005 • Categorized in: Articles

R Sahara, 20 June 2005 : ईरान में कमाल हो गया| वहां पहली बार ऐसा राष्ट्रपति चुना गया है, जो न आयतुल्लाह न हुज्जतुल्लाह है| सरल हिंदी में कहें तो यह कहेंगे कि वह न तो कोई मुल्ला हैं, न मौलाना हैं, न मौलवी ! वह एक 49 साल का सीधा-साधा नेता है, जो दो [...]

Posted by: on: January 20 2005 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 20 Jan 2005 : अगर `द न्यूयार्कर’ में सेमौर हर्ष का लेख नहीं छपता तो लोग यही अंदाज लगाते कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश अपनी दूसरी पाली में पहले से अधिक संजीदा सिद्ब होंगे। वे दुबारा एराक़ नहीं रचाएँगे। किसी नए उसामा बिन लादेन की दाढ़ी नोंचने का काम नहीं करेंगे। किसी अराफ्ऎात के [...]

Posted by: on: January 31 2003 • Categorized in: Articles

R Sahara, 31 Jan 2003 : भारत और ईरान चाहें तो एशिया का नक्शा बदल सकते हैं| यों तो भारत के मुकाबले ईरान छोटा-सा देश है लेकिन ईरान की विश्व-दृष्टि किसी महाशक्ति से कम नहीं है| यह ईरान की ही हिम्मत है कि एक तरफ वह अरबों से टक्कर ले रहा था और दूसरी तरफ [...]

Posted by: on: January 29 2003 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 29 जनवरी 2003 : 

Posted by: on: January 24 2002 • Categorized in: Articles

24.01.2002 : भारत का गणतंत्र-दिवस हो और उसके मुख्य अतिथि ईरान के राष्ट्रपति हों, इस घटना को पाकिस्तान में किस तरह देखा जाएगा ? पाकिस्तान की तरह ईरान भी मुस्लिम राष्ट्र है और पाकिस्तान का पड़ौसी है| ईरान का इस्लामीपन पाकिस्तान से अधिक गहन और प्रामाणिक है| फिर भी ईरान के राष्ट्रपति भारत जैसे ‘काफिर [...]

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