नया इंडिया, 17 सितंबर 2011 : नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी, दोनों को अमेरिकी विशेषज्ञ एक ही डंडे से हांक रहे हैं| दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है| दोनों को वे अभी से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रहे हैं| मानो कि जैसे यह चुनाव अमेरिका के राष्ट्रपति का हो, न कि भारत के [...]
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नया इंडिया, 14 सितंबर 2011 : एहसान जाफरी के मामले में उच्चतम न्यायालय ने जो निर्णय किया है, उस पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की प्रतिकि्रया सही मालूम पड़ती हैं| कांग्रेस का यह कहना सही है कि उच्चतम न्यायालय ने नरेन्द्र मोदी और उनके साथियों को दोषमुक्त घोषित नहीं किया है| अब सारे मामले पर [...]
Dainik Bhaskar, 07 Sept. 2011 : इधर रामलीला मैदान में अन्ना हजारे का अनशन अंतिम दौर में था, उधर कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में नहले पर दहला मारने की कोशिश की। उसने वहां नए लोकायुक्त की नियुक्ति करवा दी। अन्ना हजारे को उसने संदेश दिया कि तुम तो सिर्फ बात करते हो, लोकपाल और लोकायुक्त [...]
बिहार में चल रही नौंटकी भी अजीब है| जद-भाजपा गठबंधन बैठे-बिठाए संकट में आ फंसा है| जिस शालीनता से बिहार में यह गठबंधन चल रहा था, वह किसी भी गठबंधन सरकार के लिए ईर्ष्या का विषय हो सकता था लेकिन जरूरत से ज्यादा चतुराई ने दोनों दलों को सांसत में फंसा दिया है| यह ठीक [...]
हिन्दुस्तान, 7 जनवरी 2010 : गुजरात विधानसभा ने अनिवार्य मतदान का विधेयक क्या पास किया, सारे देश में हंगामा मच रहा है| सारे देश से इस विधेयक का कोई संबंध नहीं है| यह सिर्फ गुजरात के लिए है| वह भी स्थानीय चुनावों के लिए ! विधानसभा और लोकसभा के चुनाव तो जैसे अब तक होते [...]
14 May 2005 : श्री सुंदरसिंह भंडारी भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से हैं| वे अभी पिछले साल तक गुजरात के राज्यपाल थे| उन्होंने यह कहकर धमाका कर दिया कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने दंगों को रोकने में ढिलाई की| असली सवाल यह है कि वे स्वयं क्या कर रहे थे? राज्यपाल होने के [...]
Nav Bharat Times, 17 Dec 2002 : गुजरात में जैसी प्रचंड विजय भाजपा को मिली, वैसी पिछले कई दशकों में किसी पार्टी को नहीं मिली| भाजपा-जैसी पार्टी में कोई प्रांतीय नेता नरेन्द्र मोदी की तरह राष्ट्रीय स्तर पर उभरा हो, यह भी अपूर्व है| फिर भी यह प्रश्न क्यों कि गुजरात में कौन जीता ? [...]
NavBhart Times, 04 Oct 2002 : अक्षरधाम के सबक बहुत गहरे हैं| पहला सबक तो यही है कि अक्षरधाम और गोधरा जैसी घटनाओं को राज्य के निकम्मे नेतृत्व के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता| यदि अक्षरधाम को गोधरा की तरह नरेंद्र मोदी के हवाले कर दिया जाता तो इस बार क्रिया की प्रतिक्रिया इतनी भयंकर [...]