Posts Tagged 'पाकिस्तान'

Posted by: on: April 20 2013 • Categorized in: Articles

जनरल परवेज मुशर्रफ के पाकिस्तान लौटने की जैसे ही घोषणा हुई थी, हमने कहा था कि चूहा पिंजरे की तरफ दौड़ रहा है. पिछले तीन हफ्तों ने इस कथन को सत्य साबित किया है. यदि मुशर्रफ कल अदालत के सामने फौजी कमांडो की फुर्ती नहीं दिखाते तो उनके पिंजरे की ईद मन जाती. पाकिस्तानी जेल [...]

Posted by: on: September 28 2011 • Categorized in: Articles

Naya India, 30 Sept 2011 : अमेरिका और पाकिस्तान का एक-दूसरे से जैसा मोह-भंग आजकल हुआ है, पहले कभी नहीं हुआ। सीटो और सेन्टो नामक सैन्य-गुटों में शामिल होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई बार छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव तो आए लेकिन इस बार झटका इतना तगड़ा है कि दोनों का गठबंधन टूट सकता [...]

Posted by: on: August 1 2011 • Categorized in: Articles

Hindustan, 01 Aug 2011: पाकिस्तान की नई विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की भारत-यात्रा से किसी चमत्कारी परिणाम की उम्मीद होती तो खुद आसिफ-ज़रदारी या युसुफ रज़ा गिलानी भारत न आ जाते ? वे नई-नवेली विदेष मंत्री को यह श्रेय क्यों लेने देते। दोनों पक्षों को पता था कि इस यात्रा के परिणाम सीमित होंगे [...]

Posted by: on: June 29 2011 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar(Bhopal), 29 June 2011 : भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक को सफल माना जाए या विफल, यह निर्भर होगा देखने वाले की दृष्टि पर। अगर आप हथेली पर सरसों उगी देखने के शौकीन हैं तो यह बैठक आपको बिल्कुल निर्थक मालूम पड़ेगी, क्योंकि असली मुद्दों पर न पाकिस्तान टस से मस [...]

Posted by: on: June 22 2011 • Categorized in: Articles

Hindustan, 22 June 2011 : अफगानिस्तान से अपनी सुरक्षित वापसी की वेला में अमेरिका क्या-क्या पापड़ नहीं बेल रहा है। उसका सबसे ताजा पैंतरा यह है कि तालिबान और अल-क़ायदा में फूट डाल दी जाए। तालिबान और अल-क़ायदा को एक-दूसरे से अलग करने लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा, जिसका सभी 15 सदस्यों ने [...]

Posted by: on: June 18 2011 • Categorized in: Articles

पिछले सप्ताह पाकिस्तान-यात्रा पर दो अत्यंत महत्वपूर्ण अतिथि आए। एक तो अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और दूसरे सीआईए के मुखिया लिओन पेनेटा। पेनेटा शीघ्र ही अमेरिका के रक्षा मंत्री बननेवाले हैं। इन अतिथियोंकी यात्रा का मूल लक्ष्य एक ही था। वह यह है कि जुलाई 2011 में शुरू होने वाली अमेरिकी वापसी के बाद अफगानिस्तान [...]

Posted by: on: May 30 2011 • Categorized in: Articles

Nav Bharat Times, 30 May 2011 : मुहम्मद अली जिन्ना को क्या पता था कि उनकेउत्तराधिकारी ऐसे निकलेंगे। पाकिस्तान को उन्होंने बिलकुल चौपट राज्य बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समाज में पाकिस्तान की इज्जत तार-तार हो गई है। उसकी जनता के दिल में अपने देश के लिए कोई गर्व नहीं रह गया है।  पाकिस्तान के अनेक मित्र [...]

Posted by: on: May 25 2011 • Categorized in: Articles

Hindustan, 25 May 2011 : दुर्भाग्य पाकिस्तान का पीछा नहीं छोड़ रहा है। अभी ओसामा कांड की स्याही सूखी भी नहीं थी की इस फौजी राज्य पर एक नया वज्रपात हो गया है। मेहरान के नौसैनिक हवाई अड्डे पर 18 घंटे तक आतंकवादियों का कब्जा बना रहना, यह किस बात का प्रमाण है?  क्या इसका [...]

Posted by: on: May 19 2011 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 19 मई 2011 :  पाकिस्तान की बौखलाहट अब सीमा पार कर चुकी है| पहले पाकिस्तान के विदेश सचिव ने आक्रामक बयान दिया कि यदि भारत अमेरिका की तरह कोई कार्रवाई करेगा तो उसका मुँहतोड़ जवाब देंगे और अब आईएसआई के मुखिया शुजा पाशा ने कह दिया कि यदि भारत ने पाकिस्तान के विरूद्घ [...]

Posted by: on: May 11 2011 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 11 मई 2011: इधर उसामा बिन लादेन का सफाया हुआ, उधर तीन विदेश-यात्रएँ एक साथ हो रही हैं| भारत के प्रधानमंत्री अफगानिस्तान जा रहे हैं| उन्हीं तिथियों में पाकिस्तान के राष्ट्रपति रूस में रहेंगे और अगले सप्ताह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री चीन जाएंगे| यों तो ये तीनों यात्राएँ  पहले से तय हो चुकी थीं लेकिन [...]

Posted by: on: May 9 2011 • Categorized in: Articles

Navbharat Times,  09 May 2011 :  ओसामा की मौत ने पाकिस्तान की मिट्टी पलीद कर दी है। पाकिस्तान ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह ‘ फेल्ड स्टेट ‘ बनता चला जा रहा है। अमेरिकी गुप्तचर संगठन सीआईए के प्रमुख लियोन पेनेट्टा ने दोटूक शब्दों में कहा है कि हम पाकिस्तान पर विश्वास नहीं [...]

Posted by: on: April 18 2011 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 18 अप्रैल 2011 : पाकिस्तान और अमेरिका, दोनों के लिए एक नया सिरदर्द खड़ा हो गया है| भारत सरकार भी अब एक नई मुसीबत में फंस गई है| इस मुसीबत का जनक है, तस्व्वुर हुसैन राणा ! राणा यों तो कनाडा का नागरिक है लेकिन वह है मूलत: पाकिस्तानी| उसे भी डेविड कोलमन [...]

Posted by: on: April 1 2011 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 1 अप्रैल 2011 : कि्रकेट और कूटनीति में कितना गहरा रिश्ता है| कि्रकेट अगर अंग्रेज की गुलामी है तो हमारी कूटनीति अमेरिकियों की गुलामी है| इन दोनो गुलामियों का क्या सुंदर समागम हुआ है, मोहाली में ! दोनों गुलामियॉं दोनों देशों को एक-जैसी पि्रय हैं, क्योंकि दोनों अंग्रेज के गुलाम रहे हैं और [...]

Posted by: on: February 16 2011 • Categorized in: Articles

रा. सहारा, 16 फरवरी 2011 : पाकिस्तान की सरकार और अमेरिका के संबंधों में ऐसा तनाव कभी नहीं आया, जैसा आजकल आ गया है| पाकिस्तानी जनता ने तो अमेरिका के विरूद्घ कई बार अपना गुस्सा जमकर प्रगट किया है लेकिन पाकिस्तान की सभी सरकारें वाशिंगटन के सामने अपनी दुम हिलाती रही हैं| इसीलिए वाशिंगटन को [...]

Posted by: on: February 16 2011 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर (दिल्ली, 16 फरवरी 2011) : लगभग ढाई साल के अंतराल के बाद भारत-पाक वार्ता दुबारा शुरू करने की घोषणा हुई है| दोनों देशों के विदेश सचिव थिंपू में मिले और वे मान गए कि बातचीत के अलावा कोई चारा नहीं है| यों बातचीत तो भारत ने ही बंद की थी, मुंबई-हमले के बाद [...]

Posted by: on: January 10 2011 • Categorized in: Articles

NavBharat Times, 10 Jan 2011 : पाकिस्तानी पंजाब के राज्यपाल सलमान तासीर की हत्या सिर्फ पाकिस्तान के लिए ही नहीं, सारे दक्षिण एशिया के लिए घोर शर्म की बात है। तासीर की हत्या लियाकत अली, जिया-उल-हक और बेनजीर भुट्टो की हत्या से भी अधिक गंभीर है। यह ठीक है कि तासीर पाकिस्तान के राष्ट्रपति या [...]

Posted by: on: January 5 2011 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 5 Jan 2011 : पाकिस्तानी पंजाब के राज्यपाल सलमान तासीर की अचानक हुई हत्या ने पाकिस्तानी राजनीति में पहले से चले आ रहे संकट को अब और ज्यादा गहरा दिया है। सलमान पीपीपी के सुदृढ़ स्तंभों में से एक थे। उनकी हत्या इसीलिए हुई है कि वे ईश-निंदा के कानून का खुलकर विरोध [...]

Posted by: on: July 28 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 28 जुलाई 2010| जब से कृष्णा-कुरैशी वार्ता विफल हुई है, भारत सरकार को पल्ले नहीं पड़ रहा है कि वह क्या करे? वह हतप्रभ है। दिग्भ्रमित है। वह आपस में लत्तम-धत्तम कर रही है। विदेश मंत्री और गृह सचिव आपस में रस्साकशी कर रहे हैं। पाकिस्तान से निपटने की बजाय वे एक-दूसरे से [...]

Posted by: on: July 20 2010 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई 2010 | भारत और पाकिस्तान के कई अखबार, चैनल और नेतागण पूछ रहे हैं कि भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्तान-यात्र क्या विफल हो गई ? थिम्पू-वार्ता, विदेश सचिव और गृहमंत्री की पाक-यात्रओं में जो सकारात्मक वातावरण बना था, क्या वह हवा में उड़ गया ? यदि सिर्फ पाकिस्तानी अखबारों [...]

Posted by: on: July 15 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 14 जुलाई 2010 : मुंबई हमले के बाद भारत-पाक संवाद में जो रुकावट आ गई थी, वह अब हटती-सी नजर आ रही है। शर्म-अल-शेख में जो चक्का जाम हुआ था, वह अब चल पड़ा है। दोनों देशों के विदेश सचिव पहले मिले, फिर गृहमंत्री मिले और अब विदेश मंत्री मिलेंगे। भारत व पाकिस्तान के [...]

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