Posts Tagged '2010'

Posted by: on: January 5 2011 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, 05 जनवरी 2011 | मनमोहन सिंह सरकार की समस्याएं अपरंपार हैं| इस सरकार के सिर पर अभी जेपीसी और पीएसी का झांझ तो कुट ही रहा है, अब बोफोर्स का आरा भी दुबारा चल पड़ा है| लगता था कि बोफोर्स का भूद सदा के लिए दफन हो गया है, चाहे वह नेहरू परिवार [...]

Posted by: on: December 29 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 29 Dec 2010 : डॉ बिनायक सेन को लेकर देश का अंग्रेजी मीडिया और हमारे कुछ वामपंथी बुद्धिजीवी जिस तरह आपा खो रहे हैं, उसे देखकर देश के लोग दंग हैं। इतना हंगामा तो प्रज्ञा ठाकुर वगैरह को लेकर हमारे तथाकथित राष्ट्रवादी और दक्षिणपंथी तत्वों ने भी नहीं मचाया। वामपंथियों ने आरएसएस को [...]

Posted by: on: December 28 2010 • Categorized in: Articles

‘राष्ट्रीय सहारा, 29 दिसंबर 2010 | ‘स्टार्ट’ नामक संधि पर मुहर लगाकर अमेरिकी सीनेट ने न सिर्फ ओबामा की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिए हैं बल्कि विश्व निरस्त्रीकरण और विश्व शांति को नया आयाम प्रदान कर दिया है| यह वह संधि है जिस पर अप्रैल माह में अमेरिका और रूस ने मिलकर प्राहा में [...]

Posted by: on: December 27 2010 • Categorized in: Articles

Navbharta Times, 27 Dec 2010 : भारत सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने, यह मुद्दा आजकल हमारी विदेश नीति की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। किसी भी देश का नेता भारत आए और भारत का कोई भी नेता विदेश जाए तो हमारी कोशिश यही होती है कि संयुक्त वक्तव्य या संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में वह देश [...]

Posted by: on: December 23 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 23 December 2010 : इस साल पांचों महाशक्तियों के नेता भारत आए, लेकिन रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने सबको पीछे छोड़ दिया। वे सबसे बाद में आए, लेकिन वे सबसे आगे रहे। उन्होंने भारत की हर राजनीतिक शिकन की चिंता की और उसको दूर करने में सहयोग का वादा किया। जो बातें [...]

Posted by: on: December 18 2010 • Categorized in: Articles

जनसत्ता, 18 दिसंबर 2010 : चीनी प्रधानमंत्री विन च्या पाओ (सही उच्चारण) पांच साल में दूसरी बार भारत आए हैं| दोनों देशों का कोई भी प्रधानमंत्री इतने कम समय में इतनी बार अपने पड़ौसी देश में कभी नहीं गया| पांच साल का समय क्या है ? कुछ नहीं, भारत और चीन के बीच जैसा कि [...]

Posted by: on: December 15 2010 • Categorized in: Articles

संसद का यह सत्र जितना निष्फल रहा, पहले कोई सत्र नहीं रहा। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को लेकर पहले भी हंगामे हुए, लेकिन सरकारों ने आखिरकार विपक्ष की बात मान ली। इस बार सरकार अड़ी रही, क्योंकि उसे पता है कि संसद में चाहे उसके गठबंधन का बहुमत है, लेकिन जेपीसी में वह अल्पमत में [...]

Posted by: on: December 14 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 14 Dec 2010 :  चीनी प्रधानमंत्री विन च्या पाओ (सही उच्चारण) की यह भारत-यात्रा महत्वपूर्ण है, लेकिन यह असाधारण नहीं लग रही है, क्योंकि इस माह के अंत तक दुनिया की सभी महाशक्तियों के नेता भारत आ चुके होंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड केमरॉन, अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति सरकोजी पिछले [...]

Posted by: on: December 1 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar (Bhopal), 01 Dec 2010 : लोकतंत्र में गोपनीयता का क्या काम है ? जब सारा शासन जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता का है तो उसमें कोई भी बात छिपाने लायक क्यों होनी चाहिए ? यह तो आदर्श स्थिति है लेकिन व्यवहार में तो कुछ और ही होता है| जितनी बातें बताई जाती हैं, [...]

Posted by: on: November 30 2010 • Categorized in: Articles

Navbharat Times, 30 November : लिस्बन में हुए नाटो-अफगान समझौते ने स्पष्ट कर दिया है कि जुलाई 2011 में विदेशी फौजें अफगानिस्तान से विदा न हीं होंगी। हालांकि समझौता यह भी कहता है कि नाटो फौजें वहां अनंत काल तक टिकी नहीं रहेंगी, लेकिन वह यह नहीं बताता कि वे कब लौटेंगी। इस समझौते में यह [...]

Posted by: on: November 27 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Hindustan, 27 Nov 2010  : लिस्बन में हुआ नाटो, रूस और अफगानिस्तान का शिखर सम्मेलन विश्व राजनीति पर अपना गहरा प्रभाव छोड़े बिना नहीं रहेगा। यदि इस सम्मेलन में रूस और अफगानिस्तान भाग नहीं लेते तो भी यह महत्वपूर्ण होता, क्योंकि इसमें यूरोप के 27 देशों के अलावा अमेरिका की भी भागीदारी होती, लेकिन [...]

Posted by: on: November 25 2010 • Categorized in: Articles

दैनिक भास्कर, नई दिल्ली, 27 नवंबर 2010 | भारत के इतिहास की यह कितनी बड़ी विडंबना होगी| हमारे समाज के बारे में लिखा जाएगा कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार उस समय हुई, जब डॉ. मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे| सबसे स्वच्छ प्रधानमंत्री की सबसे भ्रष्ट सरकार ! सचमुच भ्रष्टाचार के इतने बड़े और [...]

Posted by: on: November 20 2010 • Categorized in: Articles

जनसत्ता, 20 नवंबर 2010 | श्रीमती आंग सान सू ची की रिहाई से सारी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि सारी दुनिया उन्हें मानव-स्वतंत्र्ता की मशाल मानती हैं| सूची की रिहाई ने म्यांमार-जैसे अलग-थलग पड़े राष्ट्र को दुबारा विश्व-राजनीति के मानचित्र् पर ला खड़ा किया है| सू ची की तुलना नेल्सन मंडेला और बेनज़ीर [...]

Posted by: on: November 17 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 17 Nov 2010 : ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा आशा से अधिक सफल रही, क्योंकि उनकी यात्रा से बहुत आशाएं किसी ने नहीं लगा रखी थीं। भारत सरकार को भी पता नहीं था कि सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर वे क्या कहेंगे या [...]

Posted by: on: November 3 2010 • Categorized in: Articles

Rashtriya Sahara, 3 Nov 2010 :  ओबामा की भारत-यात्रा के दौरान क्या भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने का आश्वासन मिलेगा? यदि मिलेगा तो भी काफी घुमा-फिराकर। फ्रांस और ब्रिटेन की तरह अमेरिका साफ-साफ बोलने से कतराता है। क्यों? इसलिए कि भारत ने पिछले छह दशकों में संयुक्त राष्ट्र महासभा में और सुरक्षा [...]

Posted by: on: October 31 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 31 Oct 2010 : ओबामा की भारत- यात्रा  से किसका फायदा ज्यादा होगा, भारत का या अमेरिका का, यह कहना अभी कठिन है लेकिन भारत की सरकार और अखबार जरा ज्यादा ही उत्साहित मालूम पड़ते है| यह उत्साह अकारण नहीं है| पिछले 63 साल में लगभग आधा दर्जन अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आ चुके [...]

Posted by: on: October 20 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 20 Oct 2010 : एक ताजा सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत के कुछ नगरों के 45 प्रतिशत नौजवानों को शराब की लत पड़ गई है। दिल्ली से इंदौर तक के ग्यारह शहरों के 2000 नौजवानों के सर्वेक्षण से ये आंकड़े मिले हैं। इन नौजवानों की उम्र 15 से 19 वर्ष है। [...]

Posted by: on: September 22 2010 • Categorized in: Articles

Dainik Bhaskar, 22 sept. 2010 : सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल की कश्मीर यात्रा बहुत सार्थक सिद्ध हो रही है। महाभारत के युद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने कौरवों के साथ वार्ता में जो चतुराई दिखाई थी, वही अब श्रीनगर में भी दिखाई पड़ रही है। अलगाववादी नेताओं के घर जाकर मिलना लचीली कूटनीति का सुंदर उदाहरण है। [...]

Posted by: on: September 20 2010 • Categorized in: News

Special Correspondent THE Hindu , 20 sept 2010 : JAIPUR: Activists spearheading a campaign against the caste-basedcensus here on Sunday opposed the Union Government’s decision to collect the caste data in a separate exercise in June next year fearing that it would encourage “reservation politics” and give rise to renewed demands for splitting the quota for sub-castes. Academicians, former judges and social [...]

Posted by: on: September 20 2010 • Categorized in: Articles

राष्ट्रीय सहारा, 20 सितंबर 2010 : इस्राइल और फलस्तीन के बीच आजकल जो बात चल रही है, वह तलवार की धार पर चलने से कम नहीं है| यह तो स्पष्ट है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पहल नहीं करते तो यह संवाद संभव ही नहीं होता| पिछले साल गाजा पट्रटी में हमास और इस्राइल की [...]

Slideshow